अब पृथ्वी से भी बड़ा टेलिस्कोप खोजेगा ब्लैक होल को

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10 अप्रैल 2019 को वैज्ञानिकों ने ब्लैक होल की तस्वीर लेकर विज्ञान के इतिहास में एक नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया | वैज्ञानिकों ने हमारी आकाशगंगा और M87 गैलेक्सी की तस्वीर लेकर यह साबित कर दिया था कि इस नए युग में कुछ भी नामुमकिन नहीं |

लेकिन ब्लैक होल्स की ली गई तस्वीरों की क्वालिटी कुछ ख़ास नहीं थी , लेकिन सिर्फ देखने में | वैज्ञानिकों के लिए तो ये तस्वीर डाटा का बहुत बड़ा भण्डार था | अगर ये तस्वीर और साफ़ होती तो हम ब्लैक होल्स के और अन्दर तक झाँक पाते | हम और अधिक गहन अध्ययन कर पाते |

ब्लैक होल्स की ली गई तस्वीर को और साफ़ बनाने के लिए वैज्ञानिक एक और नया मिशन भेजने की तैयारी में है | पिछली ब्लैक होल की तस्वीर इवेंट होराइजन रेडियो टेलिस्कोप से ली गई थी जोकि पूरी पृथ्वी पर फैले कई टेलिस्कोप का एक बहुत बड़ा समूह है | पृथ्वी पर मौजूद होने के कारण इस टेलिस्कोप तक रेडियो सिग्नल पूरी तरह पहुँच पाते थे | पृथ्वी का वातावरण रेडियो सिग्नल्स की क्वालिटी को खराब कर देता था | पृथ्वी पर होने के कारण हम सभी टेलिस्कोप को ज्यादातर दूरी तक नहीं रख सकते क्योंकि हम पृथ्वी की सीमाओं को नहीं लांघ सकते| यही कारण है की ब्लैक होल की यह तस्वीर उतनी भी साफ़ नही थी जितनी हो सकती थी |

वैज्ञानिक इस तस्वीर को साफ़ बनाने के लिए उन सभी समस्याओं पर काम कर रहे है जो पृथ्वी पर रहते हुए आ रही थी | इसलिए वैज्ञानिक अन्तरिक्ष में सैटेलाइट्स को भेजने के बारे में सोच रहे है जो ब्लैक होल्स का अन्तरिक्ष से अध्ययन करेंगे | अन्तरिक्ष में सैटेलाइट्स अच्छी तरह से बिना किसी रुकावट के रेडियो सिग्नल्स को पकड़ पायेंगे | अन्तरिक्ष में सैटेलाइट्स को हम चाहे जितनी भी दूरी पर ऑर्बिट में भेज सकते हैं ताकि हमें मनचाही साफ़ इमेज मिल सके |

इस मिशन को इवेंट होराइजन इमेजिंग नाम दिया गया है | इस मिशन के तहत अन्तरिक्ष में 3 या इससे भी अधिक सैटेलाइट्स भेजे जा सकते हैं | इन सैटेलाइट्स के जरिये भी बिलकुल उसी प्रकार का एक बड़ा सॅटॅलाइट नेटवर्क बनाया जाएगा जैसा कि इवेंट होराइजन सॅटॅलाइट में बनाया गया था|

वैज्ञानिकों का मानना है कि इस नए मिशन से यानि कि इवेंट होराइजन इमेजिंग से हम ब्लैक होल की ली गई पुरानी इमेज से तक़रीबन पांच गुणा ज्यादा गुणवत्ता वाली इमेज बना सकते हैं | जो हमें ब्लैक होल्स के बारे में कहीं ज्यादा जानकारी दे सकती है | हम महान वैज्ञानिक अल्बर्ट आइन्स्टीन की थ्योरी ऑफ़ रिलेटिविटी को और नजदीक से जान पाएंगे |