ब्रहस्पति ग्रह के मुख्य तथ्य

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बृहस्पति ग्रह हमारे सौरमंडल का सूर्य से पांचवा ग्रह है और यह हमारे सौरमंडल का सबसे बड़ा ग्रह भी है |

बृहस्पति ग्रह एक  गैसीय ग्रह है जो कि हमारे सौरमंडल के चार गैसीय ग्रहों में सबसे बड़ा है |

बृहस्पति ग्रह हमारे आसमान में चमकने वाली चौथी सबसे चमकीली वस्तु है  जो कि पृथ्वी से सूर्य , चंद्रमा , और शुक्र ग्रह के बाद सबसे ज्यादा चमकती है

इक्वेटर  पर इस ग्रह का डायमीटर 142984 किलोमीटर है |

इस तरह की डेंसिटी 1.326 ग्राम पर सेंटीमीटर क्यूब है जो कि सभी बड़े गैसीय ग्रहों में दूसरे नंबर पर है लेकिन यह सभी  चट्टानी ग्रहों से कम है|

बृहस्पति ग्रह मुख्य रूप से गैस और तरल पदार्थों का बना हुआ है इस के वातावरण में लगभग 90% हाइड्रोजन है और 10% हीलियम  है |

बृहस्पति ग्रह हमारी पृथ्वी से बहुत बड़ा है इसका अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं कि बृहस्पति ग्रह में 1321 पृथ्वियां समा सकती हैं |

बृहस्पति ग्रह का  मैग्नेटोस्फीयर हमारे सौरमंडल में सबसे बड़ा है पृथ्वी की तुलना में बृहस्पति ग्रह का मैग्नेटोस्फीयर लगभग 14 गुना ज्यादा बढ़ा है  और इसके साथ साथ इसका मैग्नेटिक फील्ड हमारे सौरमंडल का सबसे ताकतवर मैग्नेटिक फील्ड है  |

बृहस्पति ग्रह की कोर हमारी पृथ्वी से लगभग 45 गुना ज्यादा भारी हो सकती है |

इस तरह के कई मॉडल यह बताते हैं कि बृहस्पति ग्रह की कोर के  ऊपरी हिस्से में हीरों की बारिश होती है |

इस ग्रह का वातावरण हमारे सौरमंडल का सबसे बड़ा वातावरण है इसके वातावरण की ऊंचाई लगभग 5000 किलोमीटर तक है |

बृहस्पति ग्रह पर हवाओं की गति आमतौर पर 307 किलोमीटर प्रति घंटा रहती है |

बृहस्पति ग्रह के बादलों में पानी के बादल भी पाए जाते हैं जोकि अमोनिया के बादलों के ठीक नीचे होने का अनुमान है |

बृहस्पति ग्रह पर हमारे सौरमंडल का सबसे बड़ा तूफान भी पाया जाता है जिसका नाम द ग्रेट रेड स्पॉट है यह तूफान इतना बड़ा है कि इसमें एक पृथ्वी समा सकती है |

द ग्रेट रेड स्पॉट नाम का तूफान आकार में बहुत बड़ा है पहले माना जाता था कि यह तूफान बृहस्पति ग्रह पर हमेशा के लिए रहेगा लेकिन अब आंकड़े यह बताते हैं की इस तूफान का आकार लगातार घटता जा रहा है यह तूफान हर साल 930 किलोमीटर प्रति वर्ष की गति से घट रहा है |

बृहस्पति ग्रह हमारे सूर्य से 778 मिलियन किलोमीटर की दूरी पर स्थित है |

यह सूर्य का एक चक्कर 11.86 सालों में पूरा कर लेता है |

बृहस्पति ग्रह अपने अक्ष पर लगभग 3.13 डिग्री झुका हुआ है जो कि हमारी पृथ्वी से बहुत कम है और इसलिए बृहस्पति ग्रह पर हमारी पृथ्वी की तरह मौसम नहीं बनते हैं |

बृहस्पति ग्रह अपनी धुरी पर  10 घंटे से भी कम समय में एक चक्कर पूरा कर लेता है और इसी के साथ यह हमारे सौरमंडल का सबसे तेज घूमने वाला ग्रह भी है | यह अपनी धुरी पर तकरीबन 9 घंटे 55 मिनट और 40 सेकंड में एक चक्कर पूरा कर लेता है |

बृहस्पति ग्रह गैसीय ग्रह है और इसीलिए  इस ग्रह के अलग-अलग हिस्से अलग-अलग गति से घूमते हैं इसका  भूमध्य इलाका 9  घंटे 50 मिनट और 30 सेकंड में अपनी धुरी पर एक चक्कर पूरा कर लेता है और वही  इसका ध्रुवीय भाग 9 घंटे 55 मिनट और 40 सेकंड में एक चक्कर पूरा करता है |

बृहस्पति ग्रह के 69 कुदरती उपग्रह हैं लेकिन हजारों की संख्या में ऐसे छोटे-छोटे पिंड भी इसका चक्कर लगा रही है जिन्हें  उपग्रह का दर्जा नहीं दिया गया है |

गैलीलियो गैलिली ने बृहस्पति ग्रह के चारों तरफ खोजें थे जो कि इस के सबसे बड़े उपग्रहों में शामिल है,  यह उपग्रह हैं गेनीमेड आईओ (IO)  यूरोपा और कैलिस्टो |

गेनीमेड बृहस्पति ग्रह का और हमारे सौरमंडल का सबसे बड़ा उपग्रह है यह उपग्रह  हमारे सौरमंडल के पहले ग्रह  बुध ग्रह से भी बड़ा है |

बृहस्पति ग्रह के भी शनि ग्रह की तरह छल्ले हैं लेकिन बृहस्पति ग्रह के छल्ले शनि ग्रह की तरह चमकीले नहीं है |  बृहस्पति ग्रह  के छल्ले शनि ग्रह  के छालों की तरह बर्फ के कणों से नहीं बने हैं बल्कि यह डस्ट पार्टिकल्स से बने हैं जो कि इसी तरह के कुछ उपग्रहों द्वारा छोड़े गए होंगे |

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