नेपच्यून ग्रह के मुख्य तथ्य

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नेपच्यून ग्रह हमारे सौरमंडल का आठवां ग्रह है और यह हमारे सौरमंडल में सूर्य से सबसे ज्यादा दूरी पर स्थित  है |

डायमीटर के हिसाब से नेपच्यून ग्रह हमारे सौरमंडल का चौथा सबसे बड़ा ग्रह है लेकिन अगर द्रव्यमान के हिसाब से देखें तो नेपच्यून तीसरा सबसे भारी ग्रह है |

नेपच्यून हमारे सौरमंडल का इकलौता ऐसा ग्रह है जिसकी खोज मैथमेटिकल प्रेडिक्शन ( Mathematical Prediction ) से की गई ना की अंतरिक्ष की ओर देखकर | क्योंकि नेपच्यून ग्रह यूरेनस पर अपना गुरुत्वाकर्षण प्रभाव छोड़ रहा था और इसलिए अध्ययन के दौरान यूरेनस ग्रह का ऑर्बिट पता करने में गड़बड़ी हो रही थी और वहीं से यूरेनस के बाद एक और ग्रह होने का अंदाजा लगाया गया जोकि नेपच्यून था |

मैथमेटिकल प्रेडिक्शन ( Mathematical Prediction ) के बाद नेपच्यून ग्रह को कई बार टेलिस्कोप से देखने का प्रयतन किया गया | Adams और Urbain le verrier ने  स्वतंत्र रूप से नेपच्यून ग्रह  की स्थिति का अंदाजा लगाया लेकिन Adams ने नेपच्यून की जो पोजीशन बताई थी असल में नेपच्यून वहां से लगभग 12 डिग्री के दायरे में था लेकिन Urbain le verrier की बताई गई पोजीशन से नेपच्यून सिर्फ 1 डिग्री के दायरे में ही स्थित था इसीलिए नेपच्यून ग्रह की खोज का क्रेडिट Urbain le verrier को दिया जाता है |

बृहस्पति ग्रह और शनि ग्रह की तरह नेपच्यून का वातावरण भी मुख्य रूप से हाइड्रोजन और हीलियम का बना हुआ है और साथ ही इसके वातावरण में हाइड्रोकार्बन और संभवत नाइट्रोजन भी पाई जाती है | नेपच्यून ग्रह के वातावरण में बर्फ यानी पानी , अमोनिया और मीथेन  की मात्रा अधिक पाई जाती है और इसीलिए नेपच्यून  आइस जॉइंट ( Ice Giants ) कहा जाता है |

नेपच्यून ग्रह हमारी सूर्य से 30.1 ए यू ( AU = Astronomical Unit ) की दूरी पर स्थित है यह दूरी 4.5 बिलियन किलोमीटर के बराबर है |

नेपच्यून हमारे सूर्य का एक चक्कर 164.8 सालों में पूरा करता है |

नेपच्यून ग्रह पर 1 बार के  दबाव पर गुरुत्वाकर्षण का मान 11.15 मीटर पर सेकंड स्क्वायर है जो कि हमारी पृथ्वी से लगभग 1.14 गुना ज्यादा है |

नेपच्यून ग्रह का  रेडियस लगभग 24764 किलोमीटर है जो कि हमारी पृथ्वी से लगभग 4 गुना ज्यादा है |

नेपच्यून ग्रह की कोर में दबाव बहुत ज्यादा है इसकी कोर का दबाव लगभग 10 गीगा पास्कल  ( 10 GPa ) है जो कि हमारी पृथ्वी के वातावरण के दबाव के मुकाबले 100000 गुना ज्यादा है |

नेपच्यून ग्रह के वातावरण में लगभग 80% हाइड्रोजन और 19% हेलियम पाई जाती है |

वैज्ञानिकों का मानना है कि नेपच्यून ग्रह की कोर के बिल्कुल ऊपर मेंटल की निचली परतों में प्रेशर बहुत ज्यादा होने के कारण इसके तरल कार्बन के समुद्रों में हीरे तैर रहे होंगे |

नेपच्यून ग्रह अपने तेज तूफानों के लिए भी जाना जाता है यहां पर चलने वाली हवाएं 600 मीटर प्रति सेकंड यानी 2200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार तक पहुंच जाती है , इन हवाओं की गति सुपर सोनिक स्पीड ( Supersonic Speed ) से कुछ ही कम होती है |

नेपच्यून पर एक जाना माना तूफान द ग्रेट डार्क स्पॉट ( The Great Dark Spot ) सन 1989 में नासा के Voyger 2 द्वारा खोजा गया  यह तूफान काफी हद तक बृहस्पति ग्रह के सबसे बड़े तूफान और हमारे सौरमंडल के लिए सबसे बड़ी तूफान द ग्रेट रेड स्पॉट ( The Great Red Spot ) से काफी मिलता-जुलता है

नेपच्यून ग्रह पर एक और तूफान खोजा गया जिसका नाम स्कूटर है इस तूफान में हवाएं  द ग्रेट डार्क स्पॉट से भी तेज चलती है |

नेपच्यून ग्रह का वातावरण यूरेनस ग्रह के वातावरण से कहीं ज्यादा खतरनाक है क्योंकि नेपच्यून ग्रह यूरेनस ग्रह के मुकाबले सूर्य से 50% ज्यादा दूरी पर स्थित है , और यह यूरेनस ग्रह के मुकाबले 40% सूर्य की रोशनी प्राप्त करता है लेकिन फिर भी नेपच्यून ग्रह का तापमान यूरेनस ग्रह के लगभग बराबर ही है इससे यह पता चलता है कि  नेपच्यून ग्रह के अंदरूनी हिस्से में बहुत ज्यादा मात्रा में ऊर्जा उत्पन्न हो रही है |

यूरेनस सूर्य से मिलने वाली ऊर्जा का सिर्फ 1.1% भाग ही अंतरिक्ष में रेडिएट करता है | वहीं दूसरी तरफ नेपच्यून सूर्य से मिलने वाली ऊर्जा से लगभग 2.61  गुना ज्यादा ऊर्जा अंतरिक्ष में रेडिएट करता है |

नेपच्यून ग्रह हमारी पृथ्वी की ही तरह अपने अक्ष पर लगभग 28.32 डिग्री तक झुका हुआ है जो कि लगभग हमारी पृथ्वी के झुकाव के बराबर ही है और यही वजह है कि  नेपच्यून पर बिल्कुल हमारी पृथ्वी की तरह मौसम बनते हैं |

नेपच्यून ग्रह का ऑर्बिटल पीरियड लगभग 164.79 साल है और इसलिए नेपच्यून ग्रह पर एक मौसम लगभग 40 सालों तक रहता है |

नेपच्यून ग्रह पर एक दिन तकरीबन 16 दशमलव 11 घंटों का होता है |

नेपच्यून ग्रह के लगभग 14  चंद्रमाओं के बारे में हमें पता है |

Triton नेपच्यून ग्रह का सबसे बड़ा चंद्रमा है और यह नेपच्यून के और इसके ऑर्बिट में सबसे भारी पिंड है क्योंकि नेपच्यून ग्रह के ऑर्बिट में 99.5%  भार  सिर्फ Triton का ही है |

नेपच्यून ग्रह के Triton उपग्रह को इसकी खोज के सिर्फ 17 दिन बाद ही खोज लिया गया था

Triton उपग्रह का तापमान हमारे सौरमंडल में आज तक मापा गया सबसे कम तापमान है जो कि-235 डिग्री सेल्सियस आंका गया था |

जुलाई से सितंबर  1989 में Voyger-2  नेपच्यून ग्रह के उपग्रहों को खोजा

नेपच्यून ग्रह के भी शनि ग्रह की तरह छल्ले हैं लेकिन यह शनि ग्रह की तरह ज्यादा चमकदार नहीं है नेपच्यून ग्रह के छल्ले  बर्फ के कणों सिलीकेट कार्बन के कणों से मिलकर बने हैं |

नेपच्यून ग्रह के तीन मुख्य छल्ले हैं |  पहला है Adam Ring  दूसरा है हिंदी le Berrier Ring और तीसरा है सबसे हल्की Gelle Ring

नेपच्यून ग्रह के अध्ययन के लिए आज तक सिर्फ एक ही उपग्रह भेजा गया है और वह है  वाइजर2