What is Hyper velocity Star In Hindi

Hyper Velocity Stars | हाइपर वेलोसिटी स्टार्स क्या होते हैं

Hyper velocity star observed from sky

Hyper Velocity Stars | हाइपर वेलोसिटी स्टार्स क्या होते हैं

हमारे ब्रहमांड में तारे हर जगह पाए जाते हैं| सोलर सिस्टम भी तारों से ही बनता है और सारी आकाशगंगाएं भी तारों से ही भरी पड़ी हैं| मतलब यह है की तारे हमारे ब्रहमांड का एक अभिन्न अंग हैं और यह भी एक सच्चाई है की हाइड्रोजन के बाद सभी एलेमेंट्स भी तारों की ही देन है|

तारे कई प्रकार के होते हैं| अगर हम उनकी गति यानि स्पीड के आधार पर उनका विभाजन करें तो एक ओर सामान्य तारे होते हैं जोकि अपनी सामान्य गति से आकाशगंगा के केंद्र का चक्कर लगाते हैं| और दुसरे होते हैं  जो सामन्य गति से भी ज्यादा गति से आकाशगंगा के केंद्र का चक्कर लगाते हैं|

हमारा सूर्य 220 किलोमीटर प्रति सेकंड से हमारी आकाशगंगा का चक्कर लगा रहा है जोकि एक सामान्य गति (speed) है| लेकिन कुछ तारे ऐसे होते हैं जो हजारों से लेकर लाखों किलोमीटर प्रति सेकंड की गति से भी आकाशगंगा में घूम रहे हैं| इन असामान्य गति के तारों को ही हाइपर वेलोसिटी स्टार (Hyper Velocity Star) कहा जाता है|

How Hyper Velocity Stars Are Made In The Universe | अन्तरिक्ष में हाइपर वेलोसिटी स्टार्स कैसे बनते हैं

हाइपर वेलोसिटी स्टार्स के बनने के पीछे कई संभावनाएं हो सकती हैं| वैज्ञानिक इनमे से कई संभावनाओं पर विचार कर रहे हैं| hyper velocity star जन्म से ही hyper velocity नही होते बल्कि अन्तरिक्ष की कुछ प्रमुख घटनाएं इन आम तारों को ऐसा बना देती है| नीचे ऐसी ही कुछ घटनाएं दी हुई हैं जो संभावित hyper velocity star के जन्म का कारण हो |

Hyper velocity star formation due to black hole | ब्लैक होल के कारण

आकाशगंगा के केंद्र वाले भाग में हाइपर वेलोसिटी स्टार्स के बनने की सम्भावना ज्यादा होती है| ऐसा माना जाता है की आकाशगंगा के केंद्र में तारे एक बड़े ब्लैक होल का चक्कर लगाते हैं |तारों के साथ साथ ब्लैक होल का चक्कर लगाने वाले कई बायनरी स्टार्स भी होते हैं| ब्लैक होल का चक्कर लगाते लगाते बायनरी स्टार्स के केस में एक स्थिति ऐसी भी आ जाती है जब एक तारा ब्लैक होल  के शक्तिशाली गुरुत्वाकर्षण में गिर जाता है जिस कारण दूसरा तारा बायनरी सिस्टम  से मुक्त हो जाता है और यह अपना मोमेंटम कायम रखते हुए बड़ी तेजी से अपनी गति को बढ़ाता हुआ उस ब्लैक होल से दूर जाने लगता है| दरअसल यह गति भी उसे ब्लैक होल की शक्तिशाली ग्रेविटी से ही मिलती है|

इस तरह से hyper velocity star ब्लैक होल्स के कारण बनते हैं |

Hyper velocity star formation due to Supernova | सुपरनोवा के कारण हाइपर वेलोसिटी स्टार्स का बनना

बाइनरी स्टार सिस्टम में दो तारे एक दुसरे का बहुत तेज़ी से चक्कर लगाते हैं| लेकिन धीरे धीरे उनमे से एक तारा बूढा होने लगता है और सुपरनोवा बनकर ख़त्म हो जाता है| एक तारे के खत्म हो जाने के कारण दूसरा तारा उस तारे के गुरुत्वाकर्षण से मुक्त हो जाता है और चक्कर लगाने की जगह एक सीधी रेखा में बड़ी तेज़ी से आगे बढ़ता है| तारे के मोमेंटम से उसकी गति इतनी ज्यादा बढ़ जाती है कि इन्हें भी हाइपर वेलोसिटी स्टार की श्रेणी में रखा जाता है|

इस तरह से hyper velocity stars सुपरनोवा के कारण बनते हैं |

Hyper velocity star From Other Galaxy | दूसरी आकाशगंगा से हाइपर वेलोसिटी स्टार का आना

हाल ही में शोध के दौरान यह पाया गया कि कुछ कार्य बहुत ही तेज गति से हमारी आकाशगंगा की ओर आ रहे हैं और अनुमान यह लगाया गया है कि यह तारे किसी दूसरी आकाशगंगा से आ रहे हैं|  यह सभी तारे भी हाइपरवेलोसिटी स्टार हैं मतलब यह इनकी गति इतनी ज्यादा है कि यह हमारी आकाशगंगा में बिना रुके ही आगे बढ़ जाएंगे|  दूसरी आकाशगंगा से आ रहे हाइपरवेलोसिटी स्टार इस वक्त का एक पक्का सबूत है कि दूसरी आकाशगंगा में भी ब्लैक होल जैसी अत्यधिक गुरुत्वाकर्षण वाली खगोलीय वस्तुयें में मौजूद हैं|